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HCS भारत भूषण-पत्नी को अग्रिम जमानत मिली: रतिया में SDM रहते करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री में की थी धांधली; विजिलेंस एक माह से लगी थी पीछे

फतेहाबाद2 घंटे पहले

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हरियाणा के फतेहाबाद के रतिया में जमीन रजिस्ट्री धांधली मामले में फंसे पूर्व SDM एवं HCS अधिकारी भारत भूषण और उनकी पत्नी सारिका के साथ एक अन्य आरोपी बाला राम को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से सोमवार को अग्रिम जमानत मिल गई। हाईकोर्ट ने इनको विजिलेंस जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।

इस केस में दो अन्य फरार आरोपियों बर्खास्त पुलिस कर्मचारी बाला राम की पत्नी कर्मजीत कौर और नायब तहसीलदार भजनलाल की जमानत जिला कोर्ट से खारिज हो चुकी है, लेकिन उन्होंने फिलहाल हाईकोर्ट में अपील नहीं की थी।

करीब एक महीने से थे फरार

विजिलेंस ने भारतभूषण के खिलाफ रतिया में SDM रहते हुए केस दर्ज किया था। वह ओर उसकी पत्नी 23 जनवरी से ही फरार थे। जिला कोर्ट से भी अग्रिम जमानत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। बाद में SDM को हटा कर सरकार ने चंडीगढ़ में अतिरिक्त सचिव लगाया था। पत्नी-पत्नी दोनों को ही सोमवार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। सारिका यमुनानगर में सरकारी लेक्चरर है।

ये है मामला
रतिया में फतेहाबाद रोड पर मिगलानी अस्पताल के पास 24 कनाल 7 मरले जमीन की रजिस्ट्री में सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाने के आरोप SDM और अन्य पर लगे थे। जमीन की रजिस्टरी एसडीएम की पत्नी सारिका और बाला राम की पत्नी कर्मजीत कौर के नाम से हुई है। बताया गया है कि बालाराम ने ही पूरा खेल रचा था। बाला राम की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे मामले से पर्दा उठेगा। फिलहाल पटवारी मदनलाल की गिरफ्तारी के बाद से SDM की तरह बाला राम भी भूमिगत था।

पावर का गलत इस्तेमाल

विजिलेंस के DSP राकेश मलिक कमी मानें तो जमीन की रजिस्ट्री 1 करोड़ 65 लाख 28 हजार में होनी थी, लेकिन इसे बहुत कम 40 लाख रुपए में कर दी गई। न तो एनओसी नगरपालिका से ली गई और न ही प्रॉपर्टी आईडी ली गई। इसमें SDM ने दबाव बनाया था। विजिलेंस SDM और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर बता चुकी है कि उनकी जांच में सामने आया है कि एसडीएम ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया और कर्तव्य का सही निर्वहन नहीं किया।

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