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10 क्विंटल बूंदी के साथ किसान टीकरी बॉर्डर रवाना: सिरसा से ट्रॉली भरकर चला किसानों का जत्था, नेता बोले- MSP न मिलने तक डटे रहेंगे

फतेहाबाद15 मिनट पहले

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टिकरी बॉर्डर के लिए बूंदी लेकर जाता किसानों का जत्था।

तीन कृषि कानूनों की वापसी पर किसान अब अपने तरीके से खुशी का इजहार कर रहे हैं। साथ ही अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन में किसानों मे जोश भी जगा रहे हैं। शुक्रवार को हरियाणा के सिरसा जिले से किसानों का जत्था देसी घी से बनी 10 क्विंटल बूंदी लेकर टीकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुआ। किसानों ने जगह-जगह जत्थे का स्वागत किया।

हरियाणा के ऐलनाबाद से यह जत्था बूंदी से भरी ट्रॉली लेकर दोपहर को फतेहाबाद पहुंचा। लाल बत्ती चौक पर क्षेत्र के किसानों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जत्थे के पहुंचने पर किसान नेताओं ने नारे लगाकर कृषि कानूनों की वापसी पर बधाई दी।

फतेहाबाद में बूंदी बांटते किसान।

फतेहाबाद में बूंदी बांटते किसान।

देसी घी से बनी है बूंदी
सिरसा किसान संघर्ष समिति के जिला प्रधान रणजीत सिंह विर्क ने कहा कि किसानों की अधिकतर मांगें पूरी कर ली गई हैं। अभी कुछ मांगें बकाया हैं, जब वे पूरी होंगी तो किसान खुशी मनाएंगे। कृषि कानून वापसी व अन्य कुछ मांगों माने जाने पर वे देसी घी से बनी 10 क्विंटल बूंदी लेकर बॉर्डर पर जा रहे हैं।

सारी मांगे न मानने तक पीछे नहीं हटेंगे
फतेहाबाद के जरनैल सिंह मलवाला ने कहा कि सरकार ने अभी आधी मांगें मानी हैं, जिस कारण किसानों का संघर्ष अभी जारी है। एमएसपी पर कानून की मांग किसान कर रहे हैं, किसानों पर दर्ज मुकदमें रद्द करने की बात सरकार ने कही है, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। यह दो मुख्य मांगें जब तक किसानों की पूरी नहीं होती, तब तक किसान की जीत भी अधूरी है। यह मांगें पूरी होने के बाद किसान अपने घरों को वापस लौटेंगे।

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