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हिसार में 3 दिन में बरसा 268MM पानी: खरीफ सीजन की फसलें 50 से 75% चौपट; 27 से फिर 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, किसान बोले- हम तो बर्बाद हो जाएंगे

हिसार12 घंटे पहले

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पूरी तरह खराब हुई बाजरे की फसल।

पिछले 3 दिनों में हुई रिकॉर्ड बारिश से हरियाणा के हिसार जिले में खेती-किसानी को करोड़ों का नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर फसलें डूब गई हैं। वहीं कई एरिया में नमी के कारण भी फसल खराब हुई है। खराब हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में कृषि विभाग के पास 8 हजार के करीब किसान फसल खराब होने की शिकायत लेकर पहुंच चुके हैं। बारिश के कारण बाजरा, मूंग, कपास और मूंगफली की फसलें 50 से 75 फीसदी तक खराब हो गई हैं।

किसानों की जो थोड़ी बहुत उम्मीद बची है, उस पर भी आगामी तीन दिन में संकट छाने के आसार हैं। क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रदेश में फिर से बारिश होने के आसार हैं। अगर इन 3 दिनों में भी बारिश होती है तो किसानों की बची कुछ मेहनत पर भी पानी फिरना तय है। एचएयू के अनुसार, मानसून की टर्फ रेखा अब जैसलमेर, अजमेर, डालटागंज, जमशेदपुर, डीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। टर्फ रेखा के नीचे की तरफ दक्षिण की ओर जाने की संभावना है।

इससे 27 सितम्बर तक हरियाणा राज्य में कुछ एक स्थानों पर छिटपुट और हल्की बारिश होने की भी संभावना है। लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाब का क्षेत्र बनने की भी संभावना है। जिसको देखते हुए राज्य में 27 से 30 सितम्बर के दौरान बीच-बीच में हवाएं चल सकती हैं। गरज चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

बाजरा, मूंग, मूंगफली और कपास की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
बारिश के कारण खरीफ सीजन की बाजरा, मूंग, मूंगफली और कपास की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों में बाजरा और मूंग पूरी तरह से कटकर तैयार हो गया था, लेकिन बारिश के कारण फसलें तबाह हो गई हैं। तीन दिनों तक खराब मौसम के कारण बाजरे और मूंग के दाने पौधे के ऊपर ही उग आए हैं। इसके अलावा खेतों में लगातार नमी बनी रहने के कारण कपास का टिंडा भी खराब हो गया है।

हिसार के बरवाला, हांसी, आदमपुर एरिया इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। आदमपुर, बालसमंद और सिवानी के साथ लगते एरिया में पैदा होने वाली बारानी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जिन एरिया में कपास की प्रति एकड़ 15 क्विंटल तक की पैदावार होने की उम्मीद थी, उनमें अब सिर्फ 5 से 7 क्विंटल पैदावार ही बची है, बाकि बारिश में झड़कर खराब हो गई है।

सिवानी एरिया में खराब हुई मूंग की फसल दिखाते हुए किसान

सिवानी एरिया में खराब हुई मूंग की फसल दिखाते हुए किसान

अब तक ऐसे रहे बारिश के हालात
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाब के क्षेत्र, राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने तथा अरब सागर से मानसूनी हवाएं चलने से प्रदेश में 21 से 23 सितम्बर के दौरान अच्छी बारिश हुई। 1 जून से 24 सितम्बर तक हरियाणा राज्य में 566.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश (439.4 मिलीमीटर) से 29 प्रतिशत ज्यादा है।

इस दौरान राज्य के तीन जिलों अम्बाला (सामान्य से 30% कम), पंचकूला (सामान्य से 43% कम) और यमुनानगर (सामान्य से 8% कम) को छोड़कर सभी जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। एचएयू हिसार के अनुसार, तीन दिनों में 268 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है तथा सितम्बर महीने में अब तक (24 सितम्बर तक) 419.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सितम्बर में सामान्य बारिश 70.7 मिलीमीटर रहीं है।

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