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सिंघु पर निर्मम हत्या का मामला: निहंग सिंहों ने उठाई बेअदबी के मामले की जांच करने की मांग, एसपी सोनीपत से मिलकर की मामला करने को कहा

सिंघु बार्डर, सोनीपत14 मिनट पहलेलेखक: दिलबाग दानिश

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सिंघु बार्डर पर हुई निर्मम हत्या क बाद निहंग सिंहों ने बेदअदबी के मामले की मांग उठाई है। निहंग सिंहों का कहना है कि पुलिस हत्या के मामले की ही जांच कर रही है और बेअदबी पर किसी का ध्यान नहीं है। जबकि वह खुद मान रहा था कि बीस लोगों को 30-30 हजार रुपए दिए गए हैं। उनका कहना है कि लखबीर सिंह की बहन का ब्यान भी इसकी पुष्टि करता है कि लखबीर सिंह के पास पैसे नहीं होते थे तो जाहिर सी बात है कि नशेड़ी बंदा पैसे के लिए बेअदबी करने आया था। वह इस संबंधी एसपी सोनीपत से मिले हैं और मामले की जांच करने की मांग की है। सिंघु बार्डर पर तंबू लगाकर बैठे निहंग सिंह राजा राम सिंह ने दैनिक भास्कर रिपोर्टर से बात करते हुए कहा है कि हत्या की बात हर कोई कर रहा है और इसकी जांच की तरफ किसी का ध्यान नहीं है कि यह हत्या हुई क्यों है। हमने इसके पुख्ता सबूत की वीडियो एसपी को दी हैं और मामला दर्ज कर जांच की मांग की है। यह भी तो हो सकता है कि इस तरह की कार्रवाईयां कर सरकार और उसकी एजेंसियां भाईचारे में फसाद करवाना चाहती हों और सिंघू बार्डर पर बैठे सभी समुदाय के लोगों को लड़ाने का प्रयास हो रहा हो ताकि संघर्ष को खराब कर दिया जाए।
कहा जो अब तक पकड़े गए उन्हें क्या हुआ
राजा राम सिंह कहते हैं कि बेअदबी की घटनाएं आज से नहीं हो रही हैं। 2015 में भी बेदअबी की घटना हुई थी अभी तक जांच ही चल रही है और किसी को सजा नहीं मिली है। हमने मौके पर सजा दी है और अब कोई दूसरा ऐसी गुस्ताखी नहीं करेगा। वह कहते हैं कि अगर हमने संविधान के उल्ट कुछ किया है तो हमने गिरफ्तारियां भी दे दी हैं। मगर बेअदबी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए और बेअदबी करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आगे से इस तरह की घटनाएं ना हों।
दशहरे वाले दिन हुई थी युवक की हत्या
दशहरे वाले दिन सुबह तीन बजे लखवीर सिंह निवासी तरनतारन की सुबह 3 बजे हत्या कर दी गई थी, उस पर आरोप था कि उसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की है। इसके बाद उसे संयुक्त किसान मोर्चा की स्टेज के पीछे बेरीगेट से लटका दिया गया था और पुलिस को शव उतारने भी नहीं दिया जा रहा था। परिवार का कहना है कि लखवीर सिंह शरीफ व्यक्ति था नशेड़ी जरूर था मगर बेअदबी जैसी घटना नहीं कर सकता है। निहंग संगठन का यही कहना है कि अगर वह नशेड़ी था तो पैसे के लिए इस घटना को अंजाम दे सकता है और उसने खुद माना था कि उसे 30 हजार रुपए दिए गए हैं।

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