Haryana

संयुक्त मोर्चे से सस्पेंशन पर बोले चढ़ूनी: आंदोलन को बंटने से रोकने के लिए भुगती सजा, भाजपा को हराने से वेंटिलेटर से नहीं हटेंगे किसान; वोट लूट गिरोह से सत्ता छीननी होगी

बहादुरगढ़20 मिनट पहले

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भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एक बार फिर पंजाब चुनाव का राग छेड़ दिया है। चढूनी का कहना है कि वह मिशन पंजाब पर आज भी कायम हैं। रविवार को बहादुरगढ़ के नजदीक रोहद टोल बैरियर पर किसान यात्रा में शामिल होने पहुंचे चढूनी ने कहा कि जब तक किसान सत्ता में नहीं आएगा तब तक किसान का पूरा भला नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा को हराने से तीनों कृषि कानून वापस होने वाले नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि अगर कृषि कानून वापस हो भी गए तो केवल किसान का डेथ वारंट कैंसल होगा। किसान की हालत आज वेंटिलेटर पर है और किसान का संपूर्ण भला करने के लिए वोट लुटेरे गिरोह से सत्ता छीनकर किसान को अपने हाथ में लेनी होगी।

गुरनाम चढूनी को संयुक्त मोर्चा से 7 दिन के लिए सस्पेंड भी कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने मिशन यूपी की जगह मिशन पंजाब शुरू करने की बात कही थी। चढूनी ने कहा कि उन्होंने संयुक्त मोर्चे की दी हुई सजा भुगत ली है, क्योंकि वह नहीं चाहते कि किसान आंदोलन दो फाड़ हो। चढूनी ने कहा कि पंजाब में 80 से 90 लाख वोट किसानों की है और 69 लाख वोटों से सरकार बनी हुई है। चढूनी से जब पूछा गया कि वो संयुक्त मोर्चा के साथियों को ये बात क्यों नही समझा रहे तो उन्होंने कहा कि सब थोड़े ही समझ पाते हैं।

कुछ चीजे ऐसी होती है जिन पर बोला और ना बोलना दोनों गलत
गुरनाम चढूनी ने किसान आन्दोलन में खालिस्तानी घुसपैठ के सवाल पर कहा कि कुछ चीजें ऐसी होती है जिन पर ना बोले तो गलत और बोले तो भी गलत है। गुरनाम चढूनी के नेतृत्व में आज किसानों की एक यात्रा रोहद टोल से शुरू होकर सिंधु बॉर्डर पहुंची है। गुरनाम चढूनी ने कहा कि किसान यात्रा का संदेश सरकार और किसान दोनों के लिए है। सरकार के लिए ये कि किसान सोया हुआ नही है और किसानों के लिए ये कि आन्दोलन अभी बाकी है।

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