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फर्जी फूड सप्लाई अधिकारी बनकर ऐंठ लिए 38 हजार: फैक्ट्री में पहुंचे दो युवक और 11 मजदूरों के BPL कार्ड बनवाने और सस्ता राशन देने के नाम पर की ठगी, CCTV में कैद दोनों आरोपी

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पानीपत13 घंटे पहले

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आरोपी फर्जी फूड इंस्पेक्टर।

हरियाणा के पानीपत जिले में दो युवकों ने फर्जी फूड एंड सप्लाई अधिकारी बनकर एक फैक्ट्री मालिक से 38 हजार रुपए ठग लिए। फर्जी अधिकारियों ने फैक्ट्री के 11 श्रमिकों के BPL कार्ड बनवाकर सस्ता राशन मुहैया कराने का झांसा दिया। यही नहीं, ठगों ने फैक्ट्री मालिक की बात फर्जी DFSC से भी करा दी। दोनों फर्जी अधिकारी CCTV में भी कैद हुए हैं। फैक्ट्री के मैनेजर ने ठगों के खिलाफ किला थाने में केस दर्ज कराया है।

मूलरुप से झारखंड के धनबाद निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह गत 5 साल से गांव भैंसवाल स्थित गणपति होम फिनिशिंग कंपनी में मैनेजर के रूप में तैनात हैं। शुक्रवार को वह और फर्म के मालिक दीपक दहिया ऑफिस में बैठे थे। तभी बाइक पर दो युवक आए। एक ने खुद को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में इंस्पेक्टर और दूसरे ने क्लर्क बताया। दोनों ने कहा कि उनकी ड्यूटी फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के BPL कार्ड बनाने में लगी है।

ठगों ने फैक्ट्री के 11 श्रमिकों का BPL कार्ड बनवाने के लिए सभी के आधार कार्ड की फोटो कापी ले ली। ठगों ने कहा कि सभी के BPL कार्ड बनवाने के साथ वह उन्हें एक महीने का राशन भी देंगे। मौके पर ही राशन की लंबी-चौड़ी लिस्ट तैयार की। इस लिस्ट में सभी 11 मजदूरों के लिए 1-1 महीने का राशन था। इसके बाद मालिक को 38 हजार रुपए देने थे, जिसकी फूड विभाग से उन्होंने रसीद देने का वादा किया गया। रसीद देने के लिए दोनों ठग मैनेजर को साथ लेकर निकले।

CCTV में कैद हुआ फर्जी फूड अधिकारी।

CCTV में कैद हुआ फर्जी फूड अधिकारी।

मैनेजर परिचित से बातों में लगा, ठग बाइक लेकर भाग गए
लेकिन फूड विभाग जाने के लिए निकलते वक्त मैनेजर का एक परिचित आ गया। वे दोनों फैक्ट्री के बाहर खड़े ओकर दोनों बात करने लगे। इसी बीच फर्जी इंस्पेक्टर बोला कि वह रसीद यही दे देगा, आप रुपए दे दो। मैनेजर ने विश्वास करके रुपए दे दिए। मैनेजर परिचित से बातों में लगा रहा। इसी बीच दोनों फर्जी अधिकारी बाइक लेकर भाग निकले। दोनों फर्जी अधिकारी CCTV में कैद हुए हैं। केस दर्ज करने के बाद किला थाना पुलिस फुटेज के आधार पर ठगों तक पहुंचने में लगी है।

फर्जी DFSC से भी कराई बात
मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि फर्जी अधिकारियों ने फर्म अधिकारी की फर्जी DFSE से भी फोन पर बात कराई। उसने भी योजना के बारे में बताया। फैक्ट्री के श्रमिकों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने हां भर दी, लेकिन बाद में दोनों रुपए लेकर भाग गए।

21 जुलाई को तरावड़ी के ब्रह्मकुमारी आश्रम में भी की थी ठगी
पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री में ठगी करने वाले और खुद को फूड इंस्पेक्टर बताने वाले आरोपियों ने 21 जुलाई को तरावड़ी के ब्रहमकुमारी आश्रम में भी ठगी की थी। वहां आयुष्मान कार्ड और हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर 30 हजार रुपए ऐंठे थे। तरावड़ी पुलिस ने आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं।

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