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पानीपत में रुकवाया गया बाल विवाह: मौके पर नहीं पहुंची प्रोटेक्शन अफसर; फोन पर दी पुलिस को गाइडलाइन, निभाई गई खानापूर्ति

पानीपत3 घंटे पहले

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प्रतीकात्मक चित्र।

हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना कस्बे के गांव कारद में आज एक बाल विवाह रुकवाया गया है। मगर, हैरत की बात यह है कि मौके पर बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता व उनकी टीम नहीं पहुंची। प्रोटेक्शन अफसर रजनी गुप्ता को डीसी कार्यालय से फोन पर सूचना दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने इसराना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार को फोन करके बाल विवाह होने की सूचना दी।

सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस व इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बाल विवाह को रुकवा तो जरुर दिया, मगर कार्रवाई के नाम पर खानपूर्ति भी पूरी नहीं कर पाई। पुलिस ने महज लड़की पक्ष से औपचारिक तौर पर नाम-पता आदि पूछा और लिखित में लड़की के बालिग होने तक शादी न करने की बात पर मामले को रफा-दफा कर दिया। जबकि लड़का पक्ष का कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है। अगर प्रोटेक्शन अफसर मौके पर जाती तो मामले में दोनों पक्षों की हर बात खुल कर सामने आती।

एसपी ने प्रोटेक्शन अफसर से वापस ली सभी आवश्यक सुविधाएं

मामले में प्रोटेक्शन अफसर रजनी गुप्ता का कहना है कि उनके पास न ही सरकारी गाड़ी है, न ही पुलिस सुरक्षा टीम है और न ही अन्य कोई विकल्प है। यह सभी आवश्यक सुविधाएं उन्हें शुरू से मिली हुई थी। जो गत 3 जनवरी को एसपी ने वापस ले ली हैं। एसपी ने उनसे सरकारी गाड़ी भी वापस ले ली। मौके पर साथ जाने वाली पुलिस सुरक्षा टीम भी वापस ले ली है। जिस कारण अब वे किसी भी मौके पर जाने में असमर्थ हैं। वह फोन पर ही इन गंभीर मामलों की पैरवी करने को मजबूर हैं।

रोहतक से आई थी बरात, खाली हाथ लौटाई

मौके पर पहुंचे इसराना थाना से जांच अधिकारी रविंद्र दहिया ने बताया कि गांव कारद के किसी व्यक्ति ने डायल 112 पर कॉल करके बाल विवाह होने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही डायल 112 थाना पुलिस से पहले मौके पर पहुंच गई थी, जिन्हें देखकर काफी लोग वापस लौट गए थे। इसके बाद जब वह अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे तो मामले की जानकारी ली।

जानकारी में सामने आया कि गांव का रहने वाला एक व्यक्ति दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसकी पत्नी की करीब 14 साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी करीब साढ़े 17 साल की है। दिन में वह काम पर चला जाता है। उसे अपनी बेटियों की सुरक्षा की चिंता रहती है। इसी चिंता के चलते उसने रोहतक के पाड़ा मोहल्ला निवासी युवक के साथ शादी तय की थी। शादी आज होनी थी, लेकिन बरात दरवाजे से खाली हाथ लौटाई गई।

पुलिस को नहीं पता दूल्हे का नाम व पता

जांच अधिकारी रविंद्र ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ बाल विवाह को रुकवाना था। उन्होंने लड़के पक्ष से कोई बातचीत नहीं की है। इसलिए उन्हें नहीं पता कि लड़के का नाम क्या है। उसकी उम्र कितनी थी। क्या यह शादी ही थी या फिर लड़की पक्ष ने कोई बड़ा समझौता किया था। क्या लड़की को सुरक्षित हाथों में सौंपा जा रहा था। इन सब बातों के बारे में पुलिस ने लिखित तौर पर कार्रवाई नहीं की है। दरअसल, इतना बारीकी से काम प्रोटेक्शन अफसर करती हैं, जिनके पास किसी भी तरह की सरकारी सुविधाएं न होने के कारण वह मौके पर नहीं पहुंच सकी।

एसपी बोले: मामला संज्ञान में नहीं है
मामले के बारे में जब एसपी शशांक कुमार सावन से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य दिक्कतों के चलते फिलहाल होम आइसोलेट हैं। उन्हें आज के बाल विवाह रोके जाने की कोई जानकारी नहीं है।

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