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नारायणगढ़ शुगर मिल पर किसानों का कर्ज: गन्ने की अटकी 65 करोड़ की पेमेंट; किसानों की पेराई सत्र से पहले भुगतान करने की मांग

अंबालाएक घंटा पहले

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नारायणगढ़ शुगर मिल।

हरियाणा के अंबाला जिले स्थित नारायणगढ़ शुगर मिल पर किसानों का कर्ज है। गन्ने की करीब 65 करोड़ पेमेंट अटकी पड़ी है। किसान बकाया पेमेंट का भुगतान कराने की मांग को लेकर नारायणगढ़ से लेकर पंचकूला तक प्रदर्शन कर चुके हैं।

अब फिर किसानों ने नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले बकाया पेमेंट जारी न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी सरकार को दी है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार नए पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों की बकाया पेमेंट का भुगतान नहीं करती तो उन्हें आंदोलन कर रास्ता अपनाना पड़ेगा।

BKU चढूनी ग्रुप के जिला अध्यक्ष मलकीत सिंह ने कहा कि सरकार से भारी-भरकम ऋण लेने के बावजूद नारायणगढ़ शुगर मिल मुनाफे की ओर नहीं बढ़ पाई है। गन्ने की फसल की 65 करोड़ रुपए बकाया है। ब्याज मुक्त ऋण के बावजूद किसानों की बकाया पेमेंट नहीं दी गई।

बताया कि शुगर मिल द्वारा 37 करोड़ रुपए के चेक और करीब 25 करोड़ रुपए की पेमेंट अटकी पड़ी है। कहा कि शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र में करोड़ों रुपए की बिजली बनाकर सरकार को दी थी, लेकिन न सरकार ने और न मिल ने किसानों की बकाया पेमेंट दी। उन्होंने कहा कि मिल के नए पेराई सत्र शुरू होने से पहले बकाया दिया जाए तथा समय पर शुगर मिल चलाया जाए।

ब्याज मुक्त ऋण लेने के बाद भी मुनाफे की तरफ नहीं उभरा मिल

जानकारी के मुताबिक, नारायाणगढ़ शुगर मिल ने वर्ष 2014 से 19 तक सरकार से 105 करोड़ से ऋण लिया है। वर्ष 2014-15 में मिल ने 34 करोड़ रुपए सरकार से ऋण लिया था, जिसमें से मात्र 1.20 करोड़ रुपए चुकाया गया। इसके चलते अब मिल पर ब्याज के साथ 10 करोड़ रुपए बकाया है। वहीं, 2015-16 में 11 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण लिया था।, जिसमें से सिर्फ 3.36 करोड़ रुपए चुकाए गए। बताया गया कि सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में नारायणगढ़ शुगर मिल को 8.60 करोड़ रुपए अनुदान राशि दी गई है।

मिल चलने पर किसानों की बकाया पेमेंट का भुगतान करना संभव

SDM नारायाणगढ़ आदिती ने कहा कि किसानों की करीब 65 करोड़ की पेमेंट है,जिसमें से अभी 25 करोड़ की पेमेंट बकाया है। बाकी पेमेंट के चेक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। प्रयास है सभी किसानों की बकाया पेमेंट उन्हें मिले। इस संदर्भ में उन्होंने शुगर मिल के प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग भी ली है। मिल को बेहतर ढंग से चलाने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि जितनी जल्दी मिल चलेगा किसानों की पेमेंट का भुगतान तभी संभव हो पाएगा।

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