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किसानों पर दोहरी मार: बारिश से खेतों में डूबी और मंडियों में बह गई फसल; अभी भी येलो अलर्ट जारी

अंबाला39 मिनट पहले

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बारिश में भीगी धान की फसल।

हरियाणा समेत कई इलाकों में विदाई के समय सक्रिय हुआ मानसून ने फसलों को तबाह कर दिया है। खेतों में फसलें बरसाती पानी में डूबी हुई हैं। मंडियों में खुले आसमान में पड़ी धान की फसल बह गई। धान की खरीद शुरू न होने और पिछले 4-5 दिनों से जारी बारिश के बाद पड़ी दोहरी मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान यूनियन सरकार से मुआवजा की मांग कर रही है।

अंबाला में अभी भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अंबाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल समेत कई जिलों को येलो अलर्ट में शामिल करते हुए 27 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। अंबाला में पिछले 3 दिनों में 98 MM तथा 1 जून से 22 सितंबर तक 366.5 MM बारिश दर्ज की गई है।

दोबारा अंकुरित होने लगी धान

जानकारी के मुताबिक, सिटी अनाज मंडी में 16 हजार क्विंटल धान पहुंच चुकी है। खुले आसमान में पड़ी धान की फसल बारिश में भीगने के कारण अंकुरित होने लगी है। जिले में अभी भी 85 हजार हैक्टेयर भूमि पर धान की फसल खड़ी है

किसान नेता एवं BKU चढूनी ग्रुप के जिला महासचिव राजीव ने बताया कि 60 से 70 फीसदी फसल खेतों में खड़ी है। समय पर खरीद शुरू होती तो इतना नुकसान किसानों को नहीं झेलना पड़ता।

अब किसानों की फसल खेतों और मंडियों में बर्बाद हो गई है। चढूनी ग्रुप फसल की खरीद शुरू कराने के साथ-साथ किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग सरकार से करेगा।

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