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उप मुख्यमंत्री जी! हमें नहीं जीना: दंपती ने दुष्यंत चौटाला के सामने क्यों लगाई इच्छामृत्यु की गुहार ? जानें


सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : File

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फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी से गुमशुदा 16 वर्षीय किशोरी के माता-पिता ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सामने इच्छा मृत्यु की गुहार लगाने के बाद रविवार को पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के लिए डीसीपी एनआईटी ने एसआईटी का गठन किया है। हालांकि परिजनों ने जिस युवक पर किशोरी को ले जाने के आरोप लगाए थे, किशोरी ने उसके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है।

शनिवार को डबुआ निवासी एक महिला अपने पति के साथ दौलतराम धर्मशाला में उपमुख्यमंत्री से मिली थी। महिला ने उन्हें एक पत्र सौंपकर इच्छा मृत्यु की मांग रखी। दुष्यंत चौटाला ने मौके पर खड़े पुलिस अधिकारियों को दंपती की बात सुनने और मामले की जांच के आदेश दिए। दंपती का कहना था कि उनकी 16 साल की बेटी को पड़ोस में रहने वाला जतिन नाम का युवक साथ ले गया है। 30 नवंबर को उनकी बेटी घर से कहीं चली गई। 

उनका दावा है कि रात को उनके पास एक फोन आया कि कॉल करने वाले ने अपना नाम जतिन बताया और कहा तुम्हारी बेटी मेरे पास है। पुलिस के पास जाओगे तो बेटी से नहीं मिल पाओगे। घबराकर दंपती ने पुलिस से संपर्क किया। आरोप है कि पुलिस ने उनकी मदद करने की बजाय धमकाकर भगा दिया। दो दिसंबर को करीब सात- आठ लड़के ऑटो से आए और दंपती पर हमला कर दिया। 

आरोप है डबुआ थाने में तैनात महिला एसआई सुमन ने उनकी शिकायत सुनने की बजाय उन्हें जेल में डालने की धमकी देकर कोरे कागज पर साइन करने को कहा और कई घंटे तक बैठाकर रखा। किसी तरह वह रात को अपने घर पंहुचे। मामले में संज्ञान लेते हुए डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादियान ने एसीपी विष्णु प्रसाद की अगुवाई में महिला थाना एनआईटी प्रबंधक माया, डबुआ थाना प्रबंधक और सीडब्ल्यूसी टीम के साथ एक महिला एसआई सुमन लता की टीम बनाकर एसआईटी का गठन किया है। 
रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने किशोरी के 164 सीआरपीसी, लीगल एड और सीडब्ल्यूसी के बयान कराए गए हैं। किशोरी ने मजिस्ट्रेट के सामने लड़के पर कोई आरोप नहीं लगाया है। लड़की की मां की शिकायत पर जतिन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
 

विस्तार

फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी से गुमशुदा 16 वर्षीय किशोरी के माता-पिता ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सामने इच्छा मृत्यु की गुहार लगाने के बाद रविवार को पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के लिए डीसीपी एनआईटी ने एसआईटी का गठन किया है। हालांकि परिजनों ने जिस युवक पर किशोरी को ले जाने के आरोप लगाए थे, किशोरी ने उसके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है।

शनिवार को डबुआ निवासी एक महिला अपने पति के साथ दौलतराम धर्मशाला में उपमुख्यमंत्री से मिली थी। महिला ने उन्हें एक पत्र सौंपकर इच्छा मृत्यु की मांग रखी। दुष्यंत चौटाला ने मौके पर खड़े पुलिस अधिकारियों को दंपती की बात सुनने और मामले की जांच के आदेश दिए। दंपती का कहना था कि उनकी 16 साल की बेटी को पड़ोस में रहने वाला जतिन नाम का युवक साथ ले गया है। 30 नवंबर को उनकी बेटी घर से कहीं चली गई। 

उनका दावा है कि रात को उनके पास एक फोन आया कि कॉल करने वाले ने अपना नाम जतिन बताया और कहा तुम्हारी बेटी मेरे पास है। पुलिस के पास जाओगे तो बेटी से नहीं मिल पाओगे। घबराकर दंपती ने पुलिस से संपर्क किया। आरोप है कि पुलिस ने उनकी मदद करने की बजाय धमकाकर भगा दिया। दो दिसंबर को करीब सात- आठ लड़के ऑटो से आए और दंपती पर हमला कर दिया। 

आरोप है डबुआ थाने में तैनात महिला एसआई सुमन ने उनकी शिकायत सुनने की बजाय उन्हें जेल में डालने की धमकी देकर कोरे कागज पर साइन करने को कहा और कई घंटे तक बैठाकर रखा। किसी तरह वह रात को अपने घर पंहुचे। मामले में संज्ञान लेते हुए डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादियान ने एसीपी विष्णु प्रसाद की अगुवाई में महिला थाना एनआईटी प्रबंधक माया, डबुआ थाना प्रबंधक और सीडब्ल्यूसी टीम के साथ एक महिला एसआई सुमन लता की टीम बनाकर एसआईटी का गठन किया है। 




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