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अंबाला में बिजली विभाग का विरोध: बिजली चोरी पकड़ने गई टीम के काफिले को ग्रामीणों ने रोका, BKU की दखल के बाद बिना कार्रवाई लौटे

अंबालाएक घंटा पहले

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अंबाला के गांव रत्नहेड़ी में बिजली विभाग की टीम का विरोध करते ग्रामीण।

अंबाला के गांव रत्नहेड़ी में बिजली चोरी पकड़ने गई टीम को रविवार सुबह 5 बजे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। गांववासी एकजुट हो गए और टीम की गाड़ियों के काफिले के आगे लकड़ी रेहड़ा लगाकर रास्ता बंद कर दिया। गुस्साए लोगों ने टीम को मौके पर ही रोके रखा। मामला बढ़ने के बाद भारतीय किसान यूनियन (BKU) के जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह भी मौके पर पहुंचे।

एक्सईएन जेसी शर्मा से मलकीत सिंह ने फोन पर बात की और टीम को बिना कार्रवाई वापस लौटाने की मांग रखी। उनका कहना था कि जब तक कृषि कानून को लेकर विरोध चल रहा है, तब तक गांव में कोई भी बिजली निगम की ओर से कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहले ही किसान परेशान हैं और अब विभाग उन्हें बिजली कार्रवाई के नाम पर उलझा रहा है।

गांव रत्नहेड़ी में बिजली निगम के अधिकारी से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मलकीत

गांव रत्नहेड़ी में बिजली निगम के अधिकारी से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मलकीत

मामला बढ़ने से पहले ही गांवों में चल रहे चेकिंग अभियान को रोका जाए। विरोध से पहले इंडस्ट्रियल एरिया बिजली बोर्ड की टीम ने एक घर में कार्रवाई करते पर्चा काटा था लेकिन वो भी किसान यूनियन की दखल के बाद रद्द करवाने की बात कहीं जा रही है। आलाधिकारियों ने मामला बिगड़ने से पहले ही टीम को बिना कार्रवाई व जुर्माना रद्द करने के बाद वापस बुलाया। तब जाकर मामला शांत हुआ।

गांव रत्नहेड़ी में रोकी गई गांववासियों द्वारा बिजली निगम की गाड़ी

गांव रत्नहेड़ी में रोकी गई गांववासियों द्वारा बिजली निगम की गाड़ी

बिजली चोरी पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर हो रही कार्रवाई
छापेमारी करने गई टीम में इंडस्ट्रियल एरिया बिजली बोर्ड के एसडीओ, दो जेई, लाइनमैन सहित करीब 8 कर्मचारी मौजूद थे। बता दें कि बिजली निगम की ओर से अंबाला में बिजली चोरी पकड़ने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। बड़े स्तर पर छापेमारी हो रही है। सोमवार को भी बिजली निगम की 26 टीमों ने 82 जगह चोरी पकड़ी थी और 26 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

एक्सईएन जेसी शर्मा का कहना था कि टीम को गांव में रोक जरूर लिया था लेकिन बंधक नहीं बनाया गया था। बाद में टीम वापस लौट आई थी। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मलकीत का कहना था कि टीम को गांव के लोगों ने बंधक बना लिया था। अधिकारियों ने बातचीत के बाद एक कार्रवाई में काटा जुर्माने का पर्चा रद्द करवाया था। तब जाकर टीम वापस लौटी थी।

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